CJP के मोहरे सोनम वांगचुक के अनशन और चिकन सूप के बीच मोतभाई की शतरंजी चाल
20 जुलाई 2026
कल शाम डॉक्टर्स की टीम जंतर मंतर पहुंची थी सोनम जी का स्वास्थ्य चेक करने।
चेकअप करके डॉक्टर्स ने पूछा – हॉस्पिटल में एडमिट होना है या कुछ खाना है?
लेकिन होटल में रहने वाले अभिजीत डिपके मौके पर थे और लगातार सोनम जी को भूख हड़ताल जारी रखने के लिए मजबूर कर रहे थे।
डॉक्टर्स और वकीलों को समझ आ गया कि अभिजीत अपनी राजनीति के लिए सोनम जी का इस्तेमाल कर रहा है।
डॉक्टर्स ने अपनी रिपोर्ट होम मिनिस्ट्री और दिल्ली पुलिस को सौंपी, जिसके बाद आज सुबह छापा पड़ा!!
कुछ शातिर कॉकरोच और उनके पीछे से रिमोट दबाने वाले पॉलिटिकल आकाओं ने सोचा था कि इस बार दिल्ली को सुल गा देंगे। नेपाल-बांग्लादेश वाला घिसा-पिटा जेन z फॉर्मूला अप्लाई करेंगे लेकिन वो भूल गए कि सामने ‘चाणक्य’ की गद्दी पर मोटा भाई बैठे हैं। दो ऐसे करारे मास्टरस्ट्रोक मारे कि आज वो सारे कॉकरोच चारों खाने चित पड़े हैं!
पहला झट का ‘एयरपोर्ट पर ही NOC परोस दी गई !’
इनका असली प्लान था कि पहले तो किसी धरने के नाम पर पुलिस से एनओसी मांगो। पुलिस मना करेगी, तो बस… विक्टिम कार्ड खेलो, थाने फूँ को और दिल्ली में दं गे भड़ का दो।
लेकिन मोटा भाई ने इन्हें रोने-बिलखने का मौका तक नहीं दिया। इनका प्यादा अभिजीत डिपके जैसे ही एयरपोर्ट पर उतरा, मोटा भाई की पुलिस ने हाथ में एनओसी थमा दी “ये लो बाबू, पहले ही पास ले लो और सीधे जंतर-मंतर जाओ, वहां जितना भौंक ना है भौं को!
लेकिन प्लान का कूड़ा कबाड़ा:हो गया जंतर-मंतर पर कोई भीड़ ही नहीं जुटी। २० दिन की नौटंकी में इनका पूरा एजेंडा नं गा हो गया।
इधर सोनम वांगचुक का ‘चिक न सूप’ सीक्रेट सो-कॉल्ड हंगर स्ट्राइक का ढोंग चल रहा था, रोज़ ८ बार टॉयलेट के चक्कर लग रहे थे, और खुफिया प्लास्टिक बैग से बोतल में बंद ‘चि कन सूप’ की खुशबू आ रही थी! दुबई से क्रिप्टो में पेमेंट करके पेड पीआर (PR) इन्फ्लुएंसर्स भी लगा दिए, पर हवा नहीं बनी।
अब इन कॉकरोचों के पास अब बस एक ही गं दा रास्ता था २० जुलाई से पहले सोनम वांगचुक को ‘शहीद’ बना दो ताकि ‘संसद मार्च’ खू नी सिविल वॉ र में बदल जाए। लेकिन अमित शाह जी सो नहीं रहे थे!
मोटा भाई ‘रिजीम चेंज’ और वामपंथी चालों के उस्ताद है आईबी (IB) के स्पेशल डायरेक्टर अनुराग कुमार को गुरुवार की रात ही दिल्ली पुलिस का नया कमिश्नर बना दिया। इसके बाद जो हुआ, वो चाणक्य नीति का अल्टीमेट लेवल था! दूसरा झटका रातों-रात ‘सुपरकॉप’ की एंट्री और ऑपरेशन क्लीन स्वीप!
नो वाय लेंस, ओनली साइलेंस दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर वो प्रो-लेवल का संयम दिखाया कि दंगाई उक साते रह गए, पर पुलिस ने मोबाइल कैमरों के सामने एक भी ऐसी गलती नहीं की जिससे विक्टिम कार्ड खेला जा सके।
एक तीर से दो शिकार किये (डबल रेड) पुलिस को पक्का इनपुट था कि अभिजीत और उसकी गैं ग सुबह-सुबह सोनम के साथ नहीं, बल्कि एक फ्लैट में ऐश कर रहे हैं। दो टीमों ने एक साथ धावा बोला!
कैमरा चालू रह गया और स्क्रिप्ट फेल हो गई!
अभिजीत पुलिस को देखकर वॉशरुम भागा, फिर सीढ़ियों पर बैठ गया ताकि पुलिस घसीटे और वीडियो वायरल हो। पुलिस ने हाथ तक नहीं लगाया। वो खुद गाड़ी में बैठा, विक्टिम बनने के तीन-चार वीडियो सर्कुलेट भी करवा दिए। उसे लगा पुलिस स्टेशन जाकर ड्रामा करेगा, लेकिन रास्ते में पुलिस को फोन आया। पुलिस ने गाड़ी घुमाई और अभिजीत को वापस जंतर-मंतर पर ले जाकर पटक दिया! वो एयरपोर्ट की तरह फिर हक्का-बक्का रह गया कि ‘अरे, ये क्या हुआ!’
उधर, नल्ला सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से बहुत पहले ही उठाकर सीधे एम्बुलेंस में डाल दिया गया था।
ट्रांसपेरेंसी का तगड़ा प्रहार हुआ
मोटा भाई का सख्त ऑर्डर था कुछ मत छुपाओ, सब सच सामने लाओ।
आज दिल्ली पुलिस के आला अफसर खुद टीवी पर आकर हर सवाल का जवाब दे रहे हैं। सफदरजंग अस्पताल से पल-पल का मेडिकल बुलेटिन आ रहा है कि भाई एकदम चंगे हैं, चिकन सूप का असर है!
न कोई सस्पेंस, न झूठ फैलाने का चांस। हिंसा भड़ काने की हर साज़िश ज़ीरो हो चुकी है। सारे कॉकरोच और उनके आका बिलों में छिपकर अपनी किस्मत को रो रहे हैं, और मोटा भाई कोने में बैठकर मंद-मंद मुस्कुरा रहे हैं! चाय की चुस्कीयां ले रहे हैं
साभार