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स्कूलों और बच्चों पर कॉकरोचों का नक्सली हमला

शिक्षा सुधार की आड़ में कॉकरोचों का नक्सली आक्रमण

कोकरोच का तो पोपट हो गया क्या आपके राज्य या शहर गांव में भी ये कॉकरोच घूम रहे हैं? किसने इनकी खुली छूट दी है कि जहाँ चाहों, घुस जाओ और स्कूल प्रशासन और टीचर्स को धमकी दो, स्कूल का निरीक्षण करो, कमियां निकालो और भाषणबाजी करो??? जैसा एक स्कूल में अभी हुआ…

“अटेंडेंस फुल, टीचर मौजूद, क्लास में बिजली है, लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट, स्टूडेंट्स के लिए नई कुर्सी और डेस्क। शिकायत करने की कोई बात नहीं।”

लेकिन- सबसे बड़ा प्रश्न : उसे सरकारी स्कूलों में घुसने और “ऑडिट” करने का अधिकार किसने दिया?

अभिजीत दिपके नाम का दीपक अपने गांव की स्कूल में जाकर टिमटिमाने लगा और निकालने लगा वहाँ की खामियां…किसने दिया उसको ये अधिकार.?? किस हैसियत से वो के रहा तब वहाँ का निरीक्षण?

क्या महायुति भूल गई है कि महाराष्ट्र में महायुति सरकार है? क्या महायुति सरकार भूल गई है कि “अनधिकृत प्रवेश” नाम की कोई चीज़ होती है और “अनधिकृत प्रवेश एक क्रिमिनल ऑफेंस है” या हमें इसके लिए भी AAP को ही दोष देना चाहिए?

BJP को कम से कम इस मामले में तो कांग्रेस से सीखना चाहिए। किसी भी कांग्रेस शासित राज्य में ये अनऑथराइज़्ड और गैर-कानूनी स्टंट करके देखें और फिर राज्य सरकार दिखाएगी कि “पावर” का क्या मतलब है।

मानो या ना मानो लेकिन ये व्यक्ति या कहे कि ये कॉकरोच देश के भविष्य से खिलवाड़ करने के लिए साजिश कर रहा है जो देश के लिए आने वाले वक्त मैं बड़ा खतरा साबित होगा,

जंतर मंतर से चली इसकी दुकान आज दिल्ली, महाराष्ट्र ओर राजस्थान के स्कूलों तक पहुंच गई है वो भी किस लिए की इसकी ओर इनके झुंड की जो दोगली मानसिकता थी छात्रों के लेके वो देश के सामने उजागर हो गई थी,

अब उसी असलियत को छुपाने के लिए देश की स्कूल व्यवस्थाओं को सुधार का नाम लेके हर स्कूल जाने की नौटंकी बाजी कर रहा है,

आज देश के कई राज्यों मैं यह हालात हो गई है कि इसके झुंड के कीड़े मकोड़े अलग अलग राज्यों के अलग अलग शहरों के स्कूलों मैं जाकर छोटे छोटे छात्रों को भड़काने का काम कर रहे है,

जिसकी वजह से कई स्कूलों के संचालन में ओर निरंतरता की दिक्कत आ रही है आज एक ऐसा ही मामला एक मध्यप्रदेश के स्कूल मैं देखा गया,

मध्य प्रदेश के गुना जिले में छात्र अपनी मांगों को लेकर आज से 40 दिन पहले लिखित शिकायत दी थी प्रिंसिपल को हटाने के लिए प्रिंसिपल के वर्ताव से बच्चे नाराज थे 2 दिन पहले बच्चे फिर से कलेक्टर से मिले
इसमें CJP के कुछ 3-4 लोग मौके का फायदा उठाने आ गए और बच्चों को भड़काने लगे जिसके बाद सुना है बच्चों के मां बाप ने कुटाई कर दी,

लेकिन ये सोचिए कि आज देश इन कॉकरोचों की वजह से किस दिशा मैं जा रहा है अपने भविष्य के लिए बच्चे स्कूल जाते है ओर ये अभिजीत दीपके उन्हीं छात्रों का भविष्य बनने से पहले ही उन्हें बिगड़ने का कारण बन रहा है,

जब ये विदेश गया तब इस अभिजीत दीपके को खयाल देश का नहीं आया देश की व्यवस्था सुधारने का नहीं आया जब खुद भविष्य देश विरोधी लोगों की वजह से अच्छा हो गया तो दूसरों के बच्चे के भविष्य को अंधकार मैं डालने का काम कर रहा है,

20 जुलाई के दिन भी जो जंतर मंतर पर अराजकता हुई जिस्म पुलिस की लाठी छात्रों ने खायी क्या आपने अभिजीत दीपके, सौरभ दास या आशुतोष रांका को लाठी खाते हुए या मुकदमा लगवाते हुए देखा नहीं देखा क्योंकि ये आराम से शांति से अपना मकसद पूरा कर रहे थे,

ओर जो छात्र या युवा वर्ग इनके बहकाने मैं आके गलत काम करता हुआ पाया गया उनका भविष्य तो खराब हो गया ना,

अब क्या ये कॉकरोच उन लोगों को खिलाएंगे पिलाएंगे या उनका भला करेंगे नहीं ना,

देश की जनता से निवेदन हे कि बचकर रहिए और अपने बच्चों को भी इन जैसों से बचा कर रखे क्योंकि ये बहकाने का काम करेंगे ताकि सरकार से आपके बच्चे लड़े ओर ये हमेशा बचकर अपना काम करते रहे…….!

नरेंद्र मोदी सरकार इतनी कमजोर कैसे हो सकती है यह तो यकीन कर पाना मुश्किल है…..!

जब से जंतर मंतर के प्रोटेस्ट मैं सरकार ने छात्रों की बात मानी है तब से सीजेपी के अभिजीत दीपके सौरभ दास ओर आशुतोष रांका यह मनमानी पर उतर आए है,

यह किसी जिले के प्रशासन या फिर कलेक्टर की तरह स्कूलों के दौरे कर रहे है निरीक्षण के लिए आखिर इन्हें ये हक किसने दिया किस अधिकार से ये दौरे कर रहे है क्या काबिलियत है इनकी,

लेकिन दुविधा बात ये है कि यह सभी स्कूलों के दौरे कर रहे थे वहां तक सही है लेकिन सरकारी अधिकारी या शिक्षक या अन्य सदस्य को डराने धमकाने का काम ये किस अधिकार से कर रहे है,

ना सरकार द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है ना कोई कानून का पालन करवाया जा रहा है बल्कि इन कॉकरोचों को अलग से सुरक्षा दी जा रही है किस हैसियत से इन्हें इतना फलने फूलने दिया जा रहा है,

इनकी जांच करने की जरूरत भी वहां पड़ रही है जहां भाजपा सरकार है क्योंकि उन्हें अभी तक झारखंड,पंजाब, हिमाचल केरल जाते हुए नहीं देखा गया आखिर क्या कारण है इसका,

आज पूरी जनता जानती है कि इनके पीछे देश विरोधी मानसिकता है इनकी सोच उमर खालिद समर्थन वाली है इनके पीछे देश के ही कुछ खुराफाती नेता लगे है फिर क्यों इन कर एक्शन नहीं लिया जा रहा है यह विचार करने योग्य बात है,

इस तरह से ही इन्हें खुली छुट मिलती रहेगी तो जल्द ही फिर से हमे जंतर मंतर 2 देखने को मिलेगा जहां घटिया सोच, अपराधी पृष्ठ भूमि से आने वालो की भीड़ नजर आएगी,

आज ये छात्रों के आड़ मैं आगे बढ़ रहे है कल यह उमर खालिद के लिए भी आगे आएंगे और देश मैं अराजकता का माहौल तैयार करेंगे,

देश ने देखा है कानून की धज्जियां उड़ते हुए, लोकतंत्र का मजाक बनते हुए,सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार होते हुए अब क्या ही देखना बाकी है,

ये कॉकरोच सब तो कर चुके है अरविंद केजरीवाल बड़ी चालाकी से अपने सारे मंसूबे इनकी आड़ मैं पूरे कर रहा है ओर मोदी सरकार को एक बात समझ लेना चाहिए कि आने वाले समय मैं जैसे इस केजरीवाल ने दिल्ली को बर्बाद किया फिर पंजाब को कर रहा है वैसे ही आने वाला समय मैं इन कॉकरोचों का सहारा लेके देश के अन्य राज्यों को भी बर्बाद करेगा,

कॉकरोच को जितना नजर अन्दाज़ करते है उतना घर मैं गंदगी फैलती है वैसे ही आज ये देश मैं धीरे धीरे गंदगी फैला रहे है जिसे आने वाला समय मैं वक्त रहते साफ करना उचित होगा……!

इसलिए सभी देशवासी राष्ट्रहित में इन कॉकरोचों को जहाँ देखो, उसी तरह हिट करो जिस तरह मध्यप्रदेश में गुना जिले के स्कूल के बच्चों के मातापिता ने इन कॉकरोचों की ठुकाई की… सभी पेरेंट्स और अभिभावकों को इन कॉकरोचों के विरुद्ध जबरदस्त देशव्यापी अभियान शुरू करना चाहिए। प्रत्येक स्कूल में कॉकरोच भगाओ समिति बनाई जाए और न केवल इन कॉकरोचों को घुसने पर पाबंदी लगाई जाए बल्कि अध्यापकों और अभिभावकों द्वारा इन कॉकरोचों की देश विरोधी गतिविधियों का खुलासा करते हुए बच्चों को प्रशिक्षित किया जाय कि वे इनके बहकावे में न आये और राष्ट्रहित सर्वोपरि के संदेश को आत्मसात कर इन दिमागी नक्सलियों के षड्यंत्र का पर्दाफाश किया जाय।

सभी स्कूलों में इसकी जागृति हो और अभिभावकों की मीटिंग कर स्कूलों में इन कॉकरोचों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी हो, किसी भी विद्यार्थी से इनकी भेंट उस छात्र छात्रा के दिमाग की प्रदूषित कर सकती है, इसलिए जागरूकता का अभियान ऐसा चलाया जाए कि राज्य सरकारें भी इनको असामाजिक तत्व और अपराधी मानकर कार्यवाही करे।

अब समय आ गया है कि इन कॉकरोचों के विरोध में पूरा भारत एकजुट हो और टीम टोली बनाकर इनकी काले हिट से अच्छी तरह सफाई करे अन्यथा एक और दिमागी नक्सलों की खेप केजरीवाल की तरह देश का भट्टा बैठाने को खरपतवार बनकर फसल खाने लगेगी…

आपकी क्या राय है और अपने गृहनगर में इन कॉकरोचों की धुलाई के लिए आपने क्या योजना व्यूह रचना की है, कमेंट में लिखकर बताएं ताकि आपके विचार और सुझाव को पढ़कर अन्य भारतीय भी उन पर अमल कर सके।

वंदे मातरम

जागो और जगाओ भारत, कॉकरोचों से बचाओ भारत

#CockrochBhagaoSamiti #DimaagiNaxal

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