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क्या हिन्दू लड़कियां इतनी बेवकूफ हैं?

बुरा लगे तो माफ करना लेकिन
ये पोस्ट बहुत जरूरी थी अपलोड करनी

#हिन्दू_लड़कियों_को_आदर_सहित_समर्पित
【हमारे पास आने वाले एक केस से】

लड़के ने नम्बर मांगा आप ने दे दिया…
लड़के ने तस्वीर मांगी आप ने दे दी…
लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा आप ने कर ली…
लड़के ने दुपट्टा हटाने को कहा आप ने हटा दिया…
लड़के ने कुछ देखने की ख्वाहिश की आप ने पूरी कर दी…
लड़के ने मिलने को कहा आप माँ बाप को धोखा देकर आशिक़ से मिलने पहुंच गयीं…
लड़के ने बाग में बैठ कर आप की तारीफ़ करते हुए आपको सरसब्ज़ बाग दिखाए आपने देख लिये…
फिर जूस कार्नर पर जूस पीते वक़्त लड़के ने हाथ लगाया, इशारे किये, मगर कोई बात नहीं अब नया ज़माना है यह सब तो चलता ही है…
फिर लड़के ने होटल में कमरा लेने की बात की, आप ने शर्माते हुए इंकार कर दिया, कि शादी से पहले यह सब अच्छा तो नहीं लगता न…
फिर दो तीन बार कहने पर आप तैयार हो गयीं होटल के कमरे में जाने के लिए…
आप दोनों ने मिल कर खूब एंजॉय किया…
अंडरस्टेंडिंग के नाम पर दुल्हा दुल्हन बन गए ..
फिर एक दिन झगड़ा हुआ और सब खत्म क्योंकि हराम रिश्तों का अंजाम कुछ ऐसा ही होता है…
लेकिन लेकिन…
यहां सरासर मर्द गलत नहीं है, वह भेड़िया है, वह मुजरिम है, वह सबकुछ है…
क्योंकि आप ने तो तस्वीर नहीं दी थी वह जबर्दस्ती आपके मोबाइल में घुस कर ले गया था…
आप ने तो अपना नम्बर नहीं दिया वह लड़का खुद आप के मोबाइल से नम्बर ले गया था…
आप ने तो वीडियो कॉल नहीं की वह लड़का खुद आप के घर पहुंच गया था आपको लाइव देखने…
जूस कार्नर पर भी जबरदस्ती ले गया था गन प्वाइंट पर…
होटल के कमरे तक भी वह आपको जबर्दस्ती आपके घर से ले गया था…
तो मुजरिम तो सिर्फ लड़का है आप तो बिल्कुल भी नहीं…
बच्ची हैं आप कोई चार साल की?
आपको समझ नहीं आती? इतने सारे लव जिहाद के कांडों को देख सुन कर भी तुम्हें लगता है कि तुम्हारा अब्दुल अलग है!!
कचरे में पड़ी लाशें देख कर भी आपको अक़्ल नहीं आती?
यह बिना सर के मिलने वाले धड़ आपकी अक़्ल पर कोई चोट नहीं देते?
यह सोशल मीडिया पर आए दिन ज़्यादती के बढ़ती हुई घटना आपको कुछ नहीं बताती? कभी फ्रिज में, कभी सूटकेस में तो कभी होटल के कमरे में टुकड़ों में मिलती लाशें भी तुम्हें नहीं झकझोरती!!
फिर भी जूस कार्नर पर जाना, नैन मटकों पर झेंपना, होटल जाने के लिए तैयार हो जाना, बाइक राइड स्वीकारना, गाड़ी में या टैक्सी में सैर को जाना….
आपको नहीं पता था कि एक होटल के कमरे में या चारदीवारी में जिस्मों की प्यास बुझाई जाती है,
सब पता था आपको, सब पता है आपको…
होटल के कमरे में मुहब्बत के अफसाने नहीं लिखे जाते,वहां कोई इबादत नही होती है
फिर शिकायत होती है के चार लड़कों ने ग्रुप रेप कर दिया…
क्या लगता है वह आपका जो आपकी इज्ज़त का ख्याल रखे जो खुद आपको इसी मकसद के लिए लेकर जा रहा है?
अपनी सीमा में रहेंगी तो आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता…
जिस्म के भूखो से दूर ही रहे लड़का हो या लड़की प्यार जैसे पवित्र रिश्ते को बदनाम ना करे प्यार दिल देखकर करे ना कि जिस्म देखकर l❣ जब तक तुम साथ नही दोगी तब तक किसी लड़के की कोई औकात नही हैं कि वो तुम्हे किसी होटल के रूम तक ले जा सके।।।। गलत लगे तो मुझे माफ कीजिएगा!!! साभार

और भी लिखूंगा, जब तक एक एक हिन्दू लड़की को अक्ल ना आ जाये। आपमें हिम्मत है तो आप भी लिखो। कम से कम कमेंट में तो कुछ लिख सकते हो?

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