जिहाद का जाल सिर्फ कॉर्पोरेट तक ही नहीं, कॉलेजों और हिजड़ों में भी
कॉर्पोरेट जिहाद का जाल कितना खतरनाक? आसान नहीं था इसे उधेड़ना!!
आपने देखा होगा कि पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई ने भारत में अपने सभी एजेंट को टीसीएस धर्मांतरण गैंग की मुखिया निदा खान के बचाव में उतार दिया है।
और बचाव में यह लोग क्या दलीलें दे रहे हैं की निदा खान एचआर मैनेजर नहीं थी निदा खान नेतृत्व के पद पर नहीं थी।
अबे दोगलों अगर निदा खान एचआर मैनेजर नहीं थी तो क्या उससे उसके गुनाह खत्म हो गए ?
कल ही भोपाल में एक हिजड़े जस्सी खान को पकड़ा गया यह हिजड़ा नाबालिक हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फसाता था उनकी मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करवा कर उन्हें मुस्लिम बनाता था।
तो गधों यह हिजड़ा तो पढ़ा लिखा भी नहीं था फिर भी अपने गजवा ए हिन्द के एजेंडे में लगा हुआ है।
उधर मुरादाबाद में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली तीन मुस्लिम लड़कियां अपने साथी हिंदू लड़की के धर्मांतरण में जोर-शोर से लगी थी उसे जबरदस्ती गाय का मांस खिलाती थी उसे जबरदस्ती बुर्का पहनाती थी फिर जब सीसीटीवी वायरल हुआ और लड़की की माँ ने पुलिस में शिकायत किया फिर FIR दर्ज हुई।
तब तीनों मुस्लिम लड़कियां इलाहाबाद हाईकोर्ट गई कि हम नाबालिक हैं हम पढ़ रहे हैं हमारे खिलाफ एफआईआर रद्द कर दीजिए तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 पन्ने के विस्तृत आदेश में कहा अगर तुम 12वीं क्लास में हो और अपने साथी हिंदू लड़की के धर्मांतरण में लगी हो तब तुम्हारा गुनाह और भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि जिस उम्र में तुम्हें पढ़ना चाहिए इस उम्र में तुम लोग यह सब काम कैसे कर सकती हो? 12वीं क्लास में तुम लोगों के दिमाग में इतना जहर और इतनी प्लानिंग कैसे आ गई कि तुम्हें अपने साथी हिंदू लड़कियों को मुस्लिम बनाना है?
और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से मना किया इतना ही नहीं उनके गिरफ्तारी पर लगी निचली अदालत की रोक को भी हटा दिया कि उनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए।
तो गधों वो तीनो लड़कियां मात्र 12 में पढ़ती थी वह कोई एचआर मैनेजर नहीं थी फिर भी वह हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण में लगी थी।
पूरा जिहादी इकोसिस्टम टीसीएस जिहाद को बचाने में लग गया है दलीलें भी क्या दी आ रही है कि निदा खान गर्भवती है निदा खान HR मैनेजर नहीं थी।
निदा खान एचआर मैनेजर हो या न हो कुछ भी हो लेकिन उसने जो किया है वह एक संगीन जुर्म है।
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि जब एक दलित लड़के ने टीसीएस नासिक के अंदर क्या चल रहा है उसकी शिकायत पुलिस को दिया तब पुलिस यह मानने को तैयार नहीं थी फिर उच्च अधिकारियों ने जब अपने बड़े अधिकारियों से बात किया तब यह तय हुआ कि इतने बड़े ग्रुप पर यानी टाटा ग्रुप पर हाथ डालना के पहले पुख्ता सबूत जुटाना जरूरी है।
क्योंकि अगर टाटा ग्रुप पर बिना सबूत के हाथ डाला गया तो इससे बहुत बड़ा बवाल खड़ा होगा पूरे भारत के बड़े-बड़े बिजनेस समूह महाराष्ट्र सरकार पर हमलावर हो जाएंगे और महाराष्ट्र की जो उद्योग नीति है उसको बदनाम करेंगे।
तब उन्होंने 7 महिला पुलिस कर्मियों को कई महीनो तक टाटा ग्रुप में नौकरी पर रखवाया उसमें से कुछ सफाई कर्मचारी के रूप में लगी कुछ अलग-अलग काम कर रही थी और उन्होंने सैकड़ो एविडेंस जुटाए वीडियो बनाएं फिर जब पुख्ता सबूत मिला तब जाकर टीसीएस नासिक पर छापा मारा गया।
जनसंख्या जिहाद क़र भारत की डेमोग्राफी बदल क़र सत्ता स्थापित करने मे हर एक लगा हुआ है।
अब भारत में रह रहें मुस्लिमों का क्या किया जाय ? उनके समर्थकों का क्या किया जाय ? उन सबकी नागरिकता-सरकारी लाभ-फायदें चूनाव सब रदद् कर दियें जानें नहीं चाहिए ? यह निर्णय भारत सरकार और भाजपा सहित राजनीतिक दल कभी नहीं करेंगे, अब निर्णय देश की सनातन-हिंदू-आर्य और बौद्ध-जैन बहु संख्यक प्रजा को और जिसे सच में (नकली नहीं-पाखंड-ढोंग नहीं) देशप्रेम हो , देशभक्त हों उन्हें ही करना पडेगा । नहीं क्या ?
आप अपने आस पास नजर रखिये और किसी भी मुस्लिम संदिग्ध को बॉयकॉट और दूरी बनाने से न हिचकिये। उनसे कोई व्यवहार, कगस तौर से उन्हें आपसे कुछ भी कमाने का मौका न दें। उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दें और सभी हिंदुओं सनातनियों को जागृत कीजिये।
यदि कोई मुसलमान अपने आप को देश भक्त कहता है तो उसे सनातन में घर वापसी कर अपनी भारत भक्ति का परिचय देने को कहें क्योंकि यदि उसे भारत देश से प्यार है तो पहले वह भारत की मूल संस्कृति और धर्म को पुनः अपनाकर उसकी और उसके पूर्वजों की गलती सुधारने को कहें। यदि वह यह नहीं कर सकता तो समझ लेना कि वह अल तकैय्या कर रहा है और उसके दिल में गजवा ए हिन्द का जिहाद ही बस रहा है।
भारत सरकार कोंग्रेस सहित राजनीतिक दल बिकाउ हैं ही यह उन्होंने ही देश में बनी-बनाईं कईं दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से पता चल हीं जाता हैं। प्रजा अब बुद्धु थोडी ही न रहीं हैं ?
यदि आप सोचते हो कि ये कॉर्पोरेट जिहाद का पिशाच सिर्फ TCS या टाटा ग्रुप में ही है, तो आप गलत है।
More skeletons are tumbling out.
If your daughters are working in following corporates, please check their safety.
Investigative agencies are stumbling upon the following corporate companies:
VXI Hyderabad Barclays Pune
Tech Mahindra Cognizant Pune
L&T
TCI
Flipkart Mumbai
TVS Hyderabad
Corporate Jihad:
Beyond Nashik,TCS Office. Since the Nashik case broke out, similar cases from corporate giants across Bharat have flooded social media.
Here, I have compiled them.
The allegations include:
1. In a company named VXI in Hyderabad, the HR department only hires Muslim employees.
2. The same company claims that the cab service hires only Muslim cab drivers.
3. The same company has many interfaith couples, with almost every Muslim having a Hindu girlfriend.
4. An anonymous person shared details of a girl named Bhavika who was lured into a court marriage by an Islamist she met in the office.
5. During Ramzan, people from the Muslim community would wash their feet in the washbasin meant for hand washing and offer namaz by sitting anywhere in the office.
6. One post from the Wipro office alleged that during Ramzan, Hindus were asked to keep roza as it is good for them and to offer namaz.
7. Another post from Barclays in Pune claims that the entire mortgage team in the office is filled with people from one community only.
8. A finance employee from Mumbai claimed that top managers are from the Muslim community and they leave the office early throughout Ramzan, but if a Hindu employee asks to leave early on Navratri, it is not permitted.
9. The manager as well as HR is Muslim, so they hire and promote only Muslims. This person has been working for seven years in the same designation.
10. One testimony from Tech Mahindra claims that more than 60% of the employees are Muslims and they have Hindu girlfriends.
11. The HR is one Gulam Ghous, and he hires Muslims only. The person said he feels like he is working in mini Pakistan.
12. One post from Pune Cognizant claimed that the manager is Muslim and Muslim employees get WFH options and promotions easily.
13. One from L&T claims that Muslims are allowed four-hour prayer breaks on Fridays.
14. In a teleperformance company in Thane, the hiring manager is Muslim and keeps rejecting Hindus.
15. In TCI, a Muslim man with bare minimum knowledge was hired because the interviewing authority was an Islamist.
16. Tech Mahindra has the same situation in Mumbai.
17. Flipkart Mumbai is doing the same.
18. TVS Hyderabad has the same complaints.
19. Office greetings begin with “Assalamualaikum” and chats include references to Allah in a office.
These people using scholarships and reservations are reaching to such places only to do JIHAD!
Is this the fruits of being Secular?