पीएचडी अर्थशास्त्री बनाम चायवाला अर्थशास्त्री
बताइए दोनों में से कौन अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री महान है? कमेंट में आप भी अपनी तरफ से कुछ जोड़ना चाहें तो स्वागत है।
आज जो चमचे ओर चेले मोदी युग में खामी बताते हैं उन्हें भी देखना चाहिए कि मनमोहन सिंह और सुपर पीएम एंटोनियो मायनों के युग मैं देश में क्या हालत थी…….!
सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के अधीन स्वर्णिम सुरक्षित युग!
2005 दिल्ली वि स्फोट
2006 अहमदाबाद वि स्फोट
2006 वाराणसी वि स्फोट
2006 मुंबई ट्रेन वि स्फोट
2006 मालेगांव वि स्फोट
2007 समझौता एक्सप्रेस वि स्फोट
2007 हैदराबाद वि स्फोट
2007 अजमेर वि स्फोट
2007 लखनऊ वि स्फोट
2007 वाराणसी वि स्फोट
2007 कानपुर वि स्फोट
2008 जयपुर वि स्फोट
2008 अहमदाबाद वि स्फोट
2008 महाराष्ट्र ट्रेन वि स्फोट
2008 मुंबई हम ला
2008 अगरतला वि स्फोट
2009 असम वि स्फोट
2009 गुवाहाटी वि स्फोट
2010 जनेश्वरी ट्रेन वि स्फोट
2010 दंतेवाड़ा वि स्फोट
2011 दिल्ली बम वि स्फोट
2012 पुणे वि स्फोट
2013 बेंगलुरु वि स्फोट
2013 श्रीनगर वि स्फोट
2013 माओवादी हम ला
2013 बोधगया वि स्फोट
2013 पटना ब्ला स्ट
2013 जलपाईगुड़ी वि स्फोट
मनमोहन के सम्मान मे इस तस्वीर का बड़ा पोस्टर बना देश भर में लगाया जाना चाहिए।
“देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों को देने की बात कहने वाले की अंतिम यात्रा में एक भी मुसलमान नहीं था”
जो कि एक विदेशी महिला के सामने पूरी तरह नतमस्तक थे वो हमारे देश के महान अर्थशास्त्री कहलाते है,
लेकिन आज चाय बेचने वाला उस महान अर्थशास्त्री से लाख गुना बेहतर है ,
जिसने देश का कई लाख करोड़ का कर्ज उतारा जो मनमोहन सरकार ने देश पर बोझ बनाकर लिया,
जिसने देश मैं आने वाली करोड़ों नकली नोट भारत मैं आने से बचा लिए,
जिसने आज देश के 25 करोड़ से अधिक गरीबी रेखा के नीचे आने वाले लोगों को बाहर निकालने मैं मुख्य भूमिका निभाई,
जिसने आज देश की मेक इन इंडिया द्वारा बने हथियार दुनिया को कई देशों को बेच रहा है,
जिसने देश मैं आज डिजिटल क्रांति लाकर एक सब्जी का ठेला लगाने वाले से लेकर चाय के स्टाल ओर बड़े बड़े व्यापारी तक को डिजिटल पेमेंट की श्रेणी मैं ला दिया,
अब बताओ कि देश का प्रधानमंत्री वो अर्थशास्त्री बेहतर थे या ये चाय वाला ?


