लालकिले पर आतंकी हमले के पीछे कौन?

*लालकिले पर आतंकी हमले के पीछे कौन?
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट केस में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. प्रारंभिक जांच की मानें तो आतंकी उमर ने हड़बड़ी में आकर विस्फोट किया था. उसने बम को और अधिक विस्फोटक बनाने की कोशिश की थी. मगर वह कामयाब नहीं हो पाया. लाल किला ब्लास्ट केस में 12 लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं. अभी इस मामले की जांच जारी है.
लाल किले ब्लास्ट की जांच से पता चलता है कि आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद खतरनाक बम बनाना चाहता था. उसने इसके लिए खूब दिमाग लगाया था. जब उसे पता चला कि उसके और साथी अरेस्ट हो चुके हैं तो उसने पैनिक में आकर विस्फोट करने का प्लान बनाया. इसके लिए उसने अपनी कार में रखे विस्फोटकों से खतरनाक बम बनाने की सोची. इसके लिए उसने पार्किंग में तीन घंटे तक दिमाग लगाया. अग उसका दिमाग काम कर जाता तो दिल्ली और दहल उठती. जी हां, लाल किले के पास हुए विस्फोट की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आतंकी उमर ने जल्दबाजी में विस्फोटक उपकरण बनाया था. और उसने गिरफ्तारी के डर से लाल किले के पास ब्लास्ट कर दिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पुलवामा के रहने वाले डॉक्टर उमर का संबंध फरीदाबाद स्थित आतंकवादी मॉड्यूल से था. उसका पर्दाफाश वहां से विस्फोटक बरामद होने के बाद हुआ था. उसे अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद उसके पकड़े जाने का डर था. उसके पास पहले से कुछ विस्फोटक पड़े थे. वह पकड़े जाने से पहले धमाका करना चाहता था. यही कारण है कि वह कई घंटे तक दिल्ली में घूमता रहा और करीब 3 घंटे तक पार्किंग में दिमाग लगाता रहा. सूत्रों ने बताया कि यह विस्फोट दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कई स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा माने जा रहे संदिग्धों को पकड़ने के लिए की गई छापेमारी के बाद घबराहट और हताशा में किया गया.
एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फरीदाबाद में छापेमारी के बाद आतंकी उमर शायद घबरा गया था. इसकी वजह से उसे जल्दी से अपना घर बदलना पड़ा. इससे बम विस्फोट वाली दुर्घटना की आशंका बढ़ गई. ऐसा लगता है कि यह घटना संदिग्ध आत्मघाती हमले के बजाए परिवहन के दौरान अनजाने विस्फोट में बदल गई. अधिकारी ने कहा कि खुफिया टीमों के प्रथम आकलन से पता चलता है कि संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) को गलत तरीके से बनाया गया था, जिससे इसका विनाशकारी प्रभाव सीमित हो गया.’
अधिकारी ने कहा, ‘बम समय से पहले ही फट गया था और पूरी तरह बना नहीं था, इसलिए इसका प्रभाव सीमित रहा. विस्फोट से कोई छर्रे या कीलें नहीं मिले.’ सूत्रों के अनुसार वह पार्किंग में 3 घंटे तक इस बम को प्रभावी बनाने का तरीका ढूंढ रहा था. उसने कई कॉल भी किए थे. जिसके डंप डेटा को इकट्ठा किया जा रहा है. उससे जब बम बहुत खतरनाक नहीं बन पाया तो उसने उब कर इसे लाल किले के पास मेट्रो के गेट नंबर एक पर विस्फोट करने का सोचा. उसने जान बूझकर यह ब्लास्ट किया या दुर्घटनावश हो गया, यह अभी जांच का विषय है. हालांकि, यह बात तय है कि अगर उमर का दिमाग बम बनाने में कामयाब हो जाता तो और बड़ी तबाही होती.
दरअसल, लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट से कुछ ही घंटे पहले जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था. इसमें तीन डॉक्टर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किया गया था. यह मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था. चौथा आतंकी डॉक्टर उमर ही था. वह भागने में कामयाब हो गया था. दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में विस्फोट को ‘बम विस्फोट’ बताया गया है और इसमें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी हमले की साजिश और सजा से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.
शुरुआत में दावा किया गया था कि विस्फोट के दौरान कार में तीन लोग थे। हालांकि, अब यह स्पष्ट है कि विस्फोट के समय आई20 कार केवल नबी चला रहा था, जो आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद फरार हो गया था. पुलिस की जांच के अनुसार, यह भी पता चला है कि नबी फरीदाबाद में अपने साथियों की गिरफ्तारी के बारे में इंटरनेट पर तलाश करते हुए लगभग तीन घंटे तक सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में रहा. जांचकर्ताओं ने नबी की गाड़ी का 11 घंटे का सुराग लगाने में कामयाबी हासिल की है.
वह लाल किले के पास छत्ता रेल चौक रोड पर आगे बढ़ा और फिर यू-टर्न ले लिया. जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट लाल किला पुलिस चौकी से कुछ मीटर पहले हुआ. सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद भी शामिल थे जो फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े थे। फरीदाबाद से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था. जांच अधिकारियों के अनुसार, शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा का नेतृत्व कर रही थी. वह समूह की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात की प्रमुख थी.
अधिकारियों ने बताया कि उमर अल फलाह से भी जुड़ा है और माना जा रहा है कि वह हुंदै आई20 कार चला रहा था जिसमें यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ था. उमर ने कथित तौर पर यह आतंकी हमला इसलिए किया क्योंकि उसे डर था कि वह भी अपने साथी चिकित्सकों की तरह पकड़ा जा सकता है. उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपोरा का यह डॉक्टर कथित तौर पर कार में विस्फोटक, संभवतः अमोनियम नाइट्रेट ले जा रहा था. आत्मघाती हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
अब जानते है इस आतंकी हमले की साजिश के पीछे की सच्चाई
प्रियंका वाड्रा ने कुछ दिन पहले चुनावी मंच पर अवैध वोटरों को हटाने की बात को लेकर अपने समर्थकों को उकसाया था कि मोदी सरकार आपके वोट काट रही है और आप चुप होकर देख रहे हैं….
प्रियंका वाड्रा ने आगे यह भी कहा कि अपनी ताकत दिखाओ मोदी सरकार को…..
चूँकि अवैध वोट मुसलमानों के ही है क्योंकि अवैध घुसपैठ करने के बाद कांग्रेस व कांग्रेस की सहयोगी पार्टियों द्वारा ही उन करोड़ों मुसलमानों को वोटर आईडी प्रूफ बनाकर उनके वोट लेने का काम कांग्रेस ने दशकों से ही अंजाम दिया है
यह आतंकी हमला प्रियंका वाड्रा के उकसाने के कारण किया गया है….
एकाएक देश के अलग अलग राज्यों में मुस्लिम आतंकवादी व मुस्लिम डॉ हथियारों के साथ व हजारों किलो विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किए गए हैं…..
चारों तरफ से जिहादी पकड़े जाने शुरू हो गए थे…
गिरफ्तार होने से पहले ही दिल्ली में जिहादियों ने बम विस्फोट कर दिया…
कोई नहीं बचेगा, सबको दड़बों से ढूँढ ढूँढ कर दबोचा जाएगा…
गजवा के जिहादियों की नस्लें समाप्त कर दी जाएगी….
30 करोड़ देशविरोधी व हिन्दुविरोधी लोग इस भारत में रह रहे हैं. और 20 करोड़ मूर्ख लालची हिन्दूओ का समर्थन मिल रहा है उन 30 करोड़ लोगों को…..
तो बम, बारूद, RDX, AK47 राइफलें, हजारों की संख्या में गोलियों का जखीरा यह सब कुछ पूरे देश में इधर से उधर, उधर से इधर भेजना कोई बड़ी चुनौती नहीं है….
एक एक आदमी की तलाशी सम्भव नहीं है हिन्दूओ……
सोचिए कि 2014 से लेकर 2025 नवम्बर माह तक यानि 11 वर्ष में पूरे देश में कहीं पर भी ये जिहादी आम जनता के बीच बम विस्फोट करने में सफल नहीं हो पाए….
हजारों मुस्लिम आतंकी मारे गए सेना के हाथों, हजारों मुस्लिम अपराधी मारे गए सुरक्षा बलों के हाथों…, हजारों नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया और जिन्होंने विरोध किया उन्हें मार दिया गया…
राष्ट्र पूरी रफ्तार से विकास पथ की ओर अग्रसर हो गया है…..
जिहादियों को भारत के तमाम विपक्षी दलों का गुप्त रूप में समर्थन प्राप्त है हिन्दूओ. यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट का भी इकतरफा गुप्त समर्थन इन जिहादियों को 2014 से लगातार मिल रहा है…
ऐसे भयंकर षड्यंत्र के माहौल में कल दिल्ली में जिहादियों द्वारा आम जनता को बड़े पैमाने पर मारने व इसकी आड़ लेकर विपक्षी दलों द्वारा मोदी को घेरने व बम धमाके के बाद सड़कों पर उतर कर अराजकता फैलाने का एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया है….
राष्ट्रभक्तों से निवेदन है कि अगले कुछ समय में विपक्षी दलों द्वारा निर्धारित व आयोजित किसी भी आन्दोलन से पूरी तरह से दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है. सड़कों पर अधर्मियों को उतारकर देश को जलाने के षड्यंत्र की बू आ रही है….
भीड़ की आड़ में जिहादियों को उतारा जा सकता है. देश में आन्दोलन की आड़ लेकर हिंसा फैलाने व गृहयुद्ध शुरू करने की मंशा विपक्षी दलों द्वारा नजर आ रही है…..
सभी राष्ट्रभक्त हिन्दूओं से निवेदन है कि सतर्क रहकर अपने आसपास रहने वाले जिहादियों पर पैनी नज़र रखते हुए मोदी सरकार के पक्ष में खड़े हो जाएं…
समय बहुत ही विकट परिस्थितियों का आ गया है. विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत का हिन्दुविरोधी विपक्ष किसी भी हद तक षड्यंत्र रच सकता है……
अगले कुछ समय में किसी भी प्रकार का कोई आन्दोलन, कोई मार्च, कोई धरना प्रदर्शन व आतंकी हमले के विरोध में कोई स्थानीय प्रकल्पों को नहीं करना है….
जिहादियों ने मोदी को चुनौती दी है, मोदी इनसे निपटने में पूरी तरह से सक्षम है. बस किसी भी प्रकार की अफवाह पर कोई प्रतिक्रिया देने से भी बचें….
क्योंकि आपकी प्रतिक्रिया का भी इस्तेमाल मोदी को घेरने की साजिश के लिए प्रयोग में ले सकते हैं ये देशविरोधी लोग व इनकी लॉबी…..
बम विस्फोट में मारे गए हिन्दूओ के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. उनकी अकाल मृत्यु का बदला मोदी जरूर लेगा….
इस आतंकी हमले के जिम्मेदार जिहादियों, उनके आकाओं व राजनीतिक दलों व उनके हैंडलर्स को भी सबक सिखाने का काम जल्द ही मोदी द्वारा निर्धारित कर दिया जाएगा….
जिहादियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी है राजनीतिक दलों के उकसावे में आकर. और अंजाम जल्द पूरी दुनियाँ देखेगी…
मैं इस विकट परिस्थितियों में अपने देश के हिन्दू नेतृत्व के साथ डटकर खड़ा हूँ. मेरे मन में मेरे हिन्दू नेतृत्व के प्रति कोई शंका नहीं है.
मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरा हिन्दू नेतृत्व इन जिहादियों को जड़ से समूल नष्ट करने में सक्षम है और इनका नाश तय किया जा रहा है मेरे हिन्दू नेतृत्व द्वारा……
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