शाकाहारी भोजन में मांसाहारी जिहाद
शाकाहारी भोजन में मांसाहारी जिहाद का क्या अर्थ है?
*शाकाहारी भोजन की अपनी शुद्ध पहचान होनी चाहिए*
आजकल शाकाहारी व्यंजनों के नाम भी अपदूषित हो गए हैं –
वेज बिरयानी, हरा-भरा कबाब, पनीर मुसल्लम, दही कबाब, वेज कोरमा, मैंगो जोश।
सोचिए – बिरयानी, कबाब, कोरमा जैसे शब्द मूलतः मांसाहारी व्यंजनों से जुड़े हैं फिर शाकाहारी भोजन को ऐसे नाम क्यों?
एक सच्ची घटना – एक जैन विवाह में भोजन के स्टॉल पर ऐसे ही नाम लिखे थे। 65 वर्ष के एक संस्कारी बुजुर्ग ने स्पष्ट कह दिया –
“हम विवाह में आए हैं, निकाह में नहीं। या तो मेन्यू बदलिए या भोजन हटाइए।”
उनका प्रश्न सीधा था – बिरयानी और कबाब का अर्थ क्या है, पहले यह समझाइए! किसी के पास उत्तर नहीं था। अंततः केटरर्स को स्टॉल से ऐसे शब्द हटाने पड़े तभी सभी ने भोजन किया।
तथ्य जानिए –
बिरयानी – मांस व सब्जियों का मिश्रण,
कबाब (फारसी शब्द) – पका हुआ मांस,
कोरमा – भुना हुआ मांस।
अब स्वयं सोचिए – क्या शाकाहारी भोजन के साथ ऐसे नाम उचित हैं?
*आह्वान –* केटरर्स को ऐसे नाम देने से रोकिए। होटल/रेस्टोरेंट में विरोध प्रकट कीजिए। मेन्यू तय करते समय अपनी संस्कृति व संस्कार देखें। आपकी छोटी सी जागरूकता, समाज को एक बड़ी अपसंस्कृति से बचा सकती है।
शाकाहार की पहचान बचाइए – भोजन नामकरण व्यंजन शब्दावली में भी संस्कार अपनाइए।


