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क्या आप खूनी चाय पी रहे हैं और कॉफी में पॉटी खा रहे हैं?

चाय कॉफ़ी की महामारी

जैसा खाये अन्न, वैसा होए तनमन
जैसा पियें पाणी, वैसी होए वाणी
जो कोई पिये खूनी चाय
उसके जीवन में हाय हाय

क्या आपकी चाय खूनी चाय तो नहीं? सुनिए इस वीडियो में पूरी जानकारी

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जो लोग इस वीडियो को देखने के बाद भी चाय रूपी खून पीते हैं, वे विकारों के पुतले अपने और अपने परिवार का न केवल खून चूसते हैं बल्कि स्वयं के साथ परिवार को भी विनाश और पाप का भागीदार बनाते हैं। यह खूनी चाय का ही असर है कि चाय एक लत और नशा बन जाता है और परिवार के अन्य लोग भी उस खूनी दलदल में अपना गला तर करते रहते हैं। जिस पतीले में खूनी चाय पकाते हैं, उसी में अन्य भोजन पेय पकाते हैं । यहां तक कि कई महामूर्ख तो उसी खूनी चाय का भगवानजी को भोग भी लगाते हैं। फिर रोना रोते है कि उनके जीवन में बहुत दुख और परेशानियां हैं।

आज संसार में इतना चिड़चिड़ापन, हिंसा, द्वेष, ईर्ष्या, क्लेश, कुतर्क, हठधर्मिता और दुर्भावनाएं बढ़ती जा रही है उसके पीछे दूषित और तामसिक खानपान ही है जो मृत जीवों के मांस खून के सेवन से बुद्धि भ्रष्ट करता है। भारतीय लोगों में तो इसका एक और दुष्परिणाम भी है – बढ़ती हुई नपुंसकता और प्रजनन क्षमता में कमी – इसी कारण आजकल की पीढ़ी एक दो संतान मुश्किल से पैदा कर पाती हैं । जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा।

अब बात करते हैं कॉफ़ी की

आप कौनसी कॉफ़ी पीते है? वैसे तो कोई भी कॉफ़ी बिना निकोटिन वाली नहीं होती जो कैंसर फैलाती है।  परन्तु यदि आप दुनिया की सबसे महंगी कॉफ़ी पीते हैं तो एक अनोखा कार्य करते हैं। पढिये नीचे

*कॉफ़ी पियो, पॉटी खाओ*

दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, जिसे ‘कोपी लुआक’ (Kopi Luwak) या सिवेट कॉफी कहते हैं, एशियन पाम सिवेट (Asian Palm Civet) नामक बिल्ली जैसे दिखने वाले जानवर की पॉटी (मल) से बनाई जाती है। यह जानवर कॉफी के ताजे बीजों (चेरी) को खाता है, लेकिन उन्हें पचा नहीं पाता, और मल के साथ ये बीज बाहर निकल जाते हैं, जिन्हें धोकर और भूनकर कॉफी तैयार की जाती है।

स्वस्थ रहना है, स्वस्थ जीना है तो अपना खानपान स्वस्थ रखिये। स्वस्थ खाएंगे तो स्वस्थ रहेंगे और स्वस्थ जीवन से बड़ी कोई पूंजी नहीं दुनिया में।

स्वस्थ भारत अभियान से जुड़िये। अपने  परिवार और आसपास के समाज में स्वस्थ खानपान की आदत का प्रचार करें।

  1. स्वस्थ आयुर्वेद का यही ध्येय है। सम्पर्क सूत्र 7303 7303 22 / 55

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