क्या ये रोजगार जिहाद नहीं है?
प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों पर मुस्लिम कब्जा करते जा रहे हैं जिससे हमारी सुरक्षा पर भारी संकट आने वाला है।
कूरियर, जोमैटो, ओला, उबेर, हवाई जहाज का बेयरा, होटल का बेयरा, आर्मी के ठेकेदार का मजदूर, रेलवे के ठेकेदार का मजदूर, प्राइवेट कालोनी का मेंटेनेंस, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों का मेंटेनेंस, मेस, रेस्टोरेंट, एअर कंडीशन का मेंटेनेंस, फर्नीचर वाला, पेंट करने वाला, मोबाइल फोन का मेंटेनेंस करने वाला, ब्यूटी पार्लर वाला, जिम ट्रेनर, गारमेंट्स, फैशन ज्वेलरी आदि सब काम मुस्लिम के पास जा चुका है।
मतलब जो भी हिंदू गेटेड सोसायटी में रहते हैं, उसके प्रत्येक परिवार की पूरी जानकारी मस्जिद के पास है।
*जो भी हिंदू तीस से पचास आयु वर्ग में हैं, उनके पास एक या दो बच्चे हैं।*
*ईसलिए ये बच्चे अभी वर्क फोर्स का हिस्सा नहीं बने हैं।*
*काम किसी के लिए नहीं रूकता।*
*मुस्लिम जो बीस से पचास आयु वर्ग में हैं, अधिकांश के पास 4-8 बच्चे हैं और ये सब 15 के होते ही किसी ना किसी काम में लग जाते हैं।*
*ईसलिए हमारा वर्क फोर्स पूरी तरह मुस्लिम हो चुका है*।
*हम दो चार बचे खुचे हिंदू मुख्यमंत्री पर ताली बजाकर और पांच साल काट सकते हैं पर सच्चाई ये है कि युवा ही राष्ट्र की दिशा तय करते हैं।*
पांच से दस साल में भारत एक ईस्लामी देश बन चुका होगा।
अथवा ईस्लामिक देश बनने के कगार होगा।
गहरायी से सोचिए और आने वाली महाआफत से निपटने के विकल्प खोजें, ईसे मजाक में लेने वाले खुद मजाक के पात्र बनेंगे।
यदि बचना है, जीना है, तो दो काम करने होंगे –
1. समय पर विवाह कर 4-5 संतान उत्पन्न कर हिन्दू जनसँख्या बल को बढ़ाना;
2. मुस्लिम कारीगरों, व्यापारियों और कर्मचारियों का पूर्णतः बॉयकॉट और हिंदुओं में स्किल्ड कार्यो के लिए बढ़ावा देना और उन्हीं से व्यवहार करना। हिन्दू कारीगरों को भी चाहिए कि वे सिर्फ हिंदुओं के कार्य उचित दर पर करें और अपना हुनर मुसलमानों के हाथों में जाने से बचाये।
यदि ये नहीं किया तो हिंदुओं का अस्तित्व ही खतरे में आ जायेगा, इसमें कोई बड़ा गणित समझने जैसा नहीं, 100% निश्चित है। इसलिए,
जागो और जगाओ भारत
हिन्दू राष्ट्र बनाओ भारत