मां.अटल जी को अटल श्रद्धांजलि

*माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनके निर्वाण दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि*
आज 25 दिसंबर 2025 को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को सिर झुकाकर नमन करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।
आज इस अवसर पर माननीय श्री अटल जी के शब्द याद आते हैं:-
*भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं, भारत एक जीता जागता जीवित राष्ट्र पुरुष है। यह वंदन की भूमि है, यह अभिनंदन की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है, ये तर्पण की भूमि है। यहां की हर एक धार गंगा और एक एक कण शंकर है। हम जिएंगे भारत के लिए, मरेंगे तो भी भारत के लिए और मरने के बाद भी गंगा नदी में हमारी बहती अस्थियों को अगर कान लगाकर कोई सुनेगा तो एक ही आवाज निकलेगी – भारत माता की जय*
*और मेरी यही बात उन लोगों के लिए है जो आज भारत माता की जय बोलने से डरते हो।*
*जो इस मातृभूमि के नाम पर अपने गले मे हड्डी फंसाकर रखते हैं।*
*जो जन्म भारत में लेते हैं पर दम किसी और के लिए भरते हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि भारत किसी जाति या मजहब की माँ नहीं, किसी पार्टी या वोट बैंक की माँ नहीं, वह हम सबकी माता है।*
*जो लोग इस भारत माता की धूल को माथे पर लगाने में शर्म करते हैं, उनकी रगों में डर है, गर्व नहीं और डरपोकों की इस धरती पर कोई जगह नहीं।*
*क्योंकि यह देश उन महापुरुषों का जिन्होंने सीने पर गोलियां खाई जो हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। हम आज भी उनको न भूलें हैं, न भूलने देंगे। इसलिए इस देश में अब वहीं रहेगा जो बिना शर्म बिना झिझक और बिना डर के अपने एक हाथ को सीने पर रखकर दूसरे हाथ से मुट्ठी बांधकर आसमान को चीरती हुई बुलंद आवाज में जोर से कहेगा – भारत माता की जय*
