दलितों पर अत्याचार का सच : जागो और जगाओ भारत
दलितों पर अत्याचार का सच
क्या भारतीय राजनीती का ये कहना सच है कि सवर्णो ने sc/st का शोषण किया???
इससे बड़ा झूठ और कुछ नहीं हो सकता है। अधिकांश दलितों को यही घुंटी पिलाकर दलित नेताओं और ढोंग्रेसियो ने देश में दलित सवर्ण का विभाजनकारी षड्यंत्र चलाया। अब दलितों को समझ जाना चाहिए और निम्नलिखित तथ्यों पर स्वयं चिंतन कर निर्णय लेना चाहिए।
800 साल मुगलों ने राज किया, 200 साल अंग्रेजों ने, और 70 साल बाबासाहब के संविधान ने… यानी 1070 साल की लंबी दास्तान!
लेकिन आज एक ‘नया इतिहास’ पढ़ाया जा रहा है कि SC/ST का शोषण सिर्फ और सिर्फ ‘सवर्णों’ (Upper Castes) ने किया! वाह! क्या गज़ब की ऐतिहासिक विसंगति है! ♂️
क्या मुगल और ब्रिटिश राज में दलितों और पिछड़ों के लिए सब ‘राम-राज’ था? क्या विदेशी आक्रांताओं और शासकों ने सदियों तक किसी का शोषण नहीं किया? या क्या यह एक असुविधाजनक सच है जिसे आज राजनीतिक लाभ के लिए छिपाया जा रहा है?
इतिहास को इतने चयनात्मक (selective) तरीके से पढ़ना और 1000 साल के शासन को नज़रअंदाज़ करके पूरी तरह से दोष एक वर्ग पर डालना, न केवल इतिहास का अपमान है, बल्कि यह देश को बाँटने की एक साज़िश लगती है।
हमें सत्य पर आधारित न्याय चाहिए, काल्पनिक कहानियों पर नहीं। यह बेतुका और विभाजनकारी तर्क तुरंत बंद होना चाहिए! क्या आप इस दोहरे मापदंड को स्वीकार करते हैं?
जागो भारत जागो
